रूफ टॉप रेन वाटर हारवेस्टिंग…
वर्षा का ज्यादातर पानी बहकर जाता है, बहुत ही कम पानी जमीन के अन्दर जाता है, जमीन में पानी अंदर जाने की गति, जमीन के ऊपर से बहने वाले पानी की गति से बहुत कम होती है.
सदियों से भूस्तर में समाया हुआ जल हम शक्तिशाली इलेक्ट्रिक पंप लगाकर बहार नकिल रहे हैं. भूजल स्तर लगातार निचे जाने की यही वजह है. भूजल में जितना पानी डाला गया उतना ही पानी खींचकर बहार निकलना चाहिये, यही आज की आवश्कता है.
मकान की छत पर बरसने वाली वर्षा के पानी को इकठ्ठा करके बोअरवेल में डालने की आसान विधि को खोज हुई है, यह विधि ”रूफ टॉप रेन वाटर हारवेस्टिंग” के नाम से जानी जाती है कई शहरों में इस विधि का सफल प्रयोग किया गया है, जिससे वहा के जनमानस को बहुत लाभ हुआ है
इसके प्रयोग के लिये निचे दिये हुए तत्त्वों की आवश्कता है.
* मकान की छत घास-फूस या मिट्टी से बनी हुई न हो स्लब या टी की छत ज्यादा अच्छी है
* मकान के आंगन (कंपाउंड) में बोअरवेल होनी चाहिए
वाटर हारवेस्टिंग की विधि
छत के ऊपर बरसने वाली वर्षा का पानी ७५ मी.मी. डाया मीटर के पि.व्ही.सी. पाईप में इकट्टा कीजिए, इस पाईप लाईन में, गाडी के पोर्च, बालकनी में बरसने वाली वर्षा का पानी एवम छत के ऊपर की पानी की टाकी का फ्लो पानी भी मिला सकते है.
अच्छे प्लंबर द्वारा की गई पाईप लाईन की ढलान, बोअरवेल की और ले आईए.
टिप:- पाईप लाईन के उपरी छोर पर जाली लगानी चाहिए, जिससे छत पर जमा कंकर, पत्थर या सूखे पत्ते पाईप लाईन में ना उतरे
बोअरवेल के करीब एक गड्डा ५ फुट x ५ फुट ( लंबाई चौडाई) एवम ४ फुट गहरा कीजिए, गड्डे का मोजमाप, जगह की सुविधा के कारन भी सकता है.RHW- 1
टिप :- यदि बोअरवेल पर सबमर्सिबल पंप लगा हो तो गड्डा, बोअरवेल से २४ इंची खोदना चाहिए. यदि बोअरवेल पर जेट पंप लगा हो तो, गड्डा बोअरवेल के आजू-बाजु में खोद सकते हैं
गड्डे की भरती
१. गड्डे की गहराई को बराबर 6 हिस्सों में बाँट ले.
२. सबसे निचे के हिस्से में नदी में मिलने वाले बड़े गोल पत्थर / कपची (१०० मि. मि. के करीब) को अच्छी तरह से दल दें.
३. उसकी ऊपरी हिस्से में ईट के तुकडे (४०-५० मि.मि.के करीब) को अच्छी तरह से दल दें.
४. निचे से तिसरे हिस्से में ३/४ – १ इंच की साफ गिट्टी (बिना मिट्टी की ) से भर दीजिए.
५. उसके ऊपरी हिस्से में रेत या रोडी से भर दीजिए
६. इस गड्डे में छत में से उतारी हुई पाईप लाईन डाल दीजिए.
७. एक गड्डे को ओवर फ्लो पाईप सर्विस लाईन की तरफ निकल दीजिए.
८. इस गड्डे की भरती पर शहाबाद फरशी या मोजेक टाईल्स रख दीजिए ध्यान रखे की फरशी या टाईल्स के जॉइंट खुले रखे ताकि पानी निचे जा सके.
९. एस तरह से रेत से गुजरता हुआ पानी, फिर १/२ इंच गिट्टी से होते हुए गोल नदी से पत्थरों से गुजरते हुए यह पानी भूमि के भूस्तर में समा जाएगा
एस तरह भूजल स्तर बढेगा. एक पूरी प्रक्रिया में अधिक पैसा खर्च नहीं होता है.
प्रयोग की सावधानियाँ
१. पहली वर्षा का पानी बोअर में ना छोड़े.
२. पहली वर्षा आने के पहले छत की अच्छी तरह से सफाई कीजिए.
३. वर्षा के दिनों में छत साफ रखें.
४. गड्डे में डाला हुआ मटेरियल धोकर साफ करके ही डालना चाहिए.
५. घर के आस-पास की खुली जगहों पर कांक्रीट कम से कम करे, ताकि वर्षा का पानी जमीन में समा सके.
६. अगर घर के आस-पास पानी का कुआँ हो तो, कुँए के बाहर के घेराव में गड्डा कर, उपर बताई गई विधि अनुसार मटेरियल भरें छत का पानी इस गड्डे में छोडें. वहाँ से वह पानी कुँए में पाईप द्वारा छोड़े
RHW- 2
७. छत का पानी सीधा कुँए में ना छोड़े.

कितना पानी मिलेगा
* १ मिटर x १ मिटर वर्ग क्षेत्र के छत पर अगर १ मि.मि. वर्षा हो तो १ लीटर पानी मिलता है.
* समझ लीजिये साल भर में १००० मि.मि. वर्षा हुई. इस वर्षा का १ मि.मि. वर्ग क्षेत्र से १००० लिटर पानी रिचार्ज के लिए उपलब्ध होगा.
* मान लीजिये आपका छत का क्षेत्र १०० वर्ग मि. है. आपकी १००० लिटर x १०० वर्ग मि. = १,००,००० (१ लाख) लिटर पानी बोअरवेल रिचार्ज के लिए मिलेगा
इस बडी मात्रा से बोअरवेल में डाला गया पानी जमीन के अंदर समा जाता है. जमीन सछिद्र होती है, इन छिद्रों में पानी भरकर जमीन संयुक्त हो जाती है जैसे बैंक में पैसे सुरक्षित होते है उसी प्रकार जमीन की सतह से निचे गया हुआ पानी सुरक्षित हो जाता है. पानी को सबसे ज्यादा खतरा सूरज से है. अपनी किरणों की शक्ति से जमीन की सतह पर फैला पानी सूरज उड़ा ले जाता है, लेकिन सतह के निचे रहनेवाले पानी को सूरज लाख कोशिश करने पर भी चुरा भी नहीं सकता. इसलिए पानी अंदर ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए. उपर दी गई विधि इन्हीं में से एक है.
अगर शहर-शहर और गाँव गाँव के हर मकान से ऐसी विधियाँ अपना कर जमीन में डाला जाये तो भूजल बढने में देर भला कैसी लगेगी बोअरवेल सूखेंगे नहीं. पानी के लिए भटकना नहीं पडेगा.
आओं, हम सब मिलकर भूजल रिचार्जिंग कने की प्रतिज्ञा करें
अधिक जानकारी हेतु संपर्क : आर्किटेक्ट पंकज चिरानिया – 9823292687

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